20+ Aukat Shayari in Hindi for Whatsapp Status

आज हम आपको यह स्पेशल औकात शायरी पढ़ाने जा रहे जो अको बहुत ही ज्यादा पसंद आएगी साथ मे आप इन सभी औकात शायरी को अपने स्टैटस मे भी इस्तेमाल कर सकते हो तो अगर आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पट बहुत सारी फोटो अपलोड करते हो और आपको हमेशा कुछ अच्छी शायरी की जरूरत होती तो आप यह सभी औकात शायरी को अपने स्टैटस मे इस्तेमाल कर सकते है।

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ, जिनकी हमे छूने की औकात नहीं होती.,

औकात दिखा देती है एक दिन मोहब्बत भी, इसलिए खुद से ज्यादा चाहत किसी की मत रखना.,

मेरी औकात से बढ़ कर, मुझे कुछ न देना मेरे मालिक, क्योंकि रोशनी भी अगर जरुरत से ज्यादा हो, तो इंसान को अँधा बना देती है.,

औकात नहीं थी ज़माने में जो हमारी कीमत लगा सके, कम्बख्त इश्क़ में क्या गिरे मुफ्त में नीलाम हो गए.,

बुरे वक़्त के साथ जो मैंने अपनी मुलाकात देख ली, किसी की सच्चाई और किसी की औकात देख ली.,

जिसे निभा न सकूँ ऐसा वादा नहीं करता, दावा कोई औकात से ज्यादा नहीं करता.,

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती.,

दौलतसे औकातनापी जाएजहाँ, क्याइंसान कीकद्र होगीवहाँ., इज्ज़तदोगे तोइज्ज़त पाओगे, औकात दिखाओगे तो बड़ा पछताओगे.,

दोस्त को दौलत की निगाह से मत देखो, वफ़ा करने वाले दोस्त अक्सर गरीब होते हैं.,

चलो हम भी अपना हुनर आजमाते है, तुम तीर आजमाना हम जिगर आजमाते है.,

हमारी शराफत का यूँ कतरे कतरे से फायदा मत उठाओ, कयामत आ जाएगी जब हम बदमाशी पर होंगे.,

सुन छोटे हमसे उलझना इतना ही आसान होता, तो आज पूरी दुनिया में नाम मेरा नहीं तेरा बदनाम होता.,

मुझे समझना इतना आसान नहीं हैं, मैं संस्कृत का अर्थात हूं गणित का सूत्र नहीं.,

वक़्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करो, सुबह उनकी भी होती है जिन्हें कोई याद नहीं करता.,

परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो, हिसाब सबका होगा चाहे कोई कितना भी बढ़ा बदमाश हो.,

मेरे जेब में जरा सा छेद क्या हो गया, सिक्के से ज्यादा तो रिश्ते गिर गए.,

रूबरू होने की तो छोङिये, लोग गूफ्तगू से भी कतराने लगे हैं, गुरूर आढ़े हैं रिश्ते, अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं.,

औकात नहीं है, दुश्मनो की आँख से आँख मिलाने की, और साले बात करते है घर से उठाने की.,

बात तो औकात की होती है जिंदगी में अक्सर, कोई बता जाता है, कोई दिखा जाता है.,

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ, जिनकी हमे छुने की औकात नहीं होती.

इन्हे भी पढ़े :-

Scroll to Top